कुमाँऊ मंडल के तराई क्षेत्र के निवासियों की उच्च शिक्षा की आकांक्षाओं को पूरा करने की दृष्टि से राज्य सरकार द्वारा 10 अक्टूबर 1974 को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रूद्रपुर की स्थापना की गई। स्नातक (UG) स्तर पर कला संकाय के साथ स्थापित इस महाविद्यालय में वर्ममान में कला, विज्ञान तथा वाणिज्य संकायों में स्नातक (UG) एवं स्नातकोत्तर (PG) के पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। वर्तमान विश्व की बदलती जरूरतों एवं युवाओं की आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न व्यवसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है।

महाविद्यालय के पास लगभग 35 एकड़ का विशाल परिसर है जिसमें मुख्य प्रशासनिक एवं कला संकाय भवन, विज्ञान संकाय भवन, बी.एड. संकाय भवन, बहुउद्देशीय सभागार, वाचनालय, पुस्तकाल, वाणिज्य संकाय हेतु कक्ष स्थित हैं। परिसर में 30 छात्रों के लिए छात्रावास सुविधा उपलब्ध है। 40 छात्राओं के लिए महिला छात्रावास का निर्माण 2010-11 में पूर्ण हो गया है। शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के आवास निर्माणाधीन हैं। महाविद्यालय का अपना विशाल क्रीड़ा मैदान है जिसमें ट्रैक एवं फील्ड प्रतियोगिताओं के साथ बास्केट बाल कोर्ट, टेनिस कोर्ट, बॉली बॉल कोर्ट, क्रिकेट पिच की सुविधा उपलब्ध हैं। इण्डोर स्टेडियम एवं राष्ट्रीय स्तर के एथेलेटिक्स ट्रेक का निर्माण विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की आर्थिक सहायता से प्रस्तावित है।

निर्वाध विद्युत आपूर्ति हेतु 50 के.वी. एवं 75 के.वी. के जनरेटर की व्यवस्था की गयी एवं प्राकृतिक ऊर्जा का प्रयोग करते हुए 50 के.वी. का सोलर पावर प्लान्ट लगाया गया है। विद्यार्थियों से सम्बन्धित समस्त कार्य त्वरित गति से सम्पन्न करने हेतु पुस्तकालय तथा स्टूडेन्ट रिकॉर्ड मैनेजमेन्ट को पूर्णतया कम्प्यूटरीकृत कर दिया गया है।

वर्ष 2005-06 में राज्य सरकार द्वारा जिले के विशिष्ट महाविद्यालय के रूप में विकसित करने हेतु इस महाविद्यालय का चयन किया गया है। सम्पूर्ण महाविद्यालय स्टाफ उक्त दिशा में प्रयत्नशील है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा 12 बी एवं 2 एफ के अन्तर्गत महाविद्यालय को मान्यता प्राप्त है।

प्राचार्य प्रो. कमल किशोर पाण्डे